दुनिया इन दिनों के ताजा अंक में...
3/13/2021 |
No comments |
Related Posts:
प्रयोगधर्मिता रो दूजो नांव मोहन आलोक / डॉ. नीरज दइया डॉ. अर्जुनदेव चारण आपरी आलोचना पोथी ‘बगत री बारखड़ी’ मांय लिखै- ‘आधुनिक राजस्थानी कविता खेतर में तीन कवि कविता रै स्तर माथै कियोड़ा… Read More
प्यास के मरुथल का इतिहास / डॉ. नीरज दइया मनुष्य-जीवन किसी तिलस्मी पहेली की भांति अनादिकाल से चुनौतीपूर्ण विषय रहा है। जीवन की महायात्रा कब से चल रही है? जीवन का गूढ़ रहस्य क्या है? इसके अन… Read More
कविताओं में ईश्वर होने के मायने की तलाश / डॉ मदन गोपाल लढ़ासुप्रसिद्ध कवि एवं संपादक सुधीर सक्सेना अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ यायावरी के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने एक यायावर के रूप में दुनिया को जोड़ने का क… Read More
Multilingual Poets’ Meet on the occasion of World Poetry Day on 21 March... … Read More
दुनिया इन दिनों के ताजा अंक में... … Read More
0 टिप्पणियाँ:
Post a Comment