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Dr. Neeraj Daiyaपरिचय

जन्म : 22 सितम्बर, 1968 शिक्षा : बी.एससी., एम.ए.(हिंदी और राजस्थानी साहित्य), बी.एड., नेट, स्लेट, पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक पाठ्यक्रम (स्वर्ण पदक) “निर्मल वर्मा के कथा साहित्य में आधुनिकता बोध” विषय पर पीएच.डी.। कवि, आलोचक, अनुवादक और संपादक। फिलहाल : केंद्रीय विद्यालय संगठन में पी.जी.टी. (हिंदी)

प्रकाशित साहित्य

  • भोर सूं आथण तांई (लघुकथा संग्रह) 1989 मुन्ना प्रकाशन, बीकानेर
  • साख (कविता संग्रह) 1997 नेगचार प्रकाशन, बीकानेर
  • देसूंटो (लांबी कविता) 2000 नेगचार प्रकाशन, बीकानेर
  • आलोचना रै आंगणै (आलोचनात्मक निबंध) 2011 बोधि प्रकाशन, जयपुर
  • जादू रो पेन (बाल साहित्य) 2012 शशि प्रकाशन मन्दिर, बीकानेर
  • उचटी हुई नींद (हिंदी कविता संग्रै) 2013 बोधि प्रकाशन, जयपुर
  • बिना हासलपाई (आलोचना) 2014 सृजना, शिवबाड़ी रोड, बीकानेर
  • पाछो कुण आसी (कविता संग्रह) प्रकाशनाधीन
  • आंगळी सीध (आलोचना) प्रकाशनाधीन

अनुवाद

  • कागद अर कैनवास (अमृता प्रीतम की पंजाबी काव्य-कृति का राजस्थानी अनुवाद) 2000 नेगचार प्रकाशन, बीकानेर
  • कागला अर काळो पाणी (निर्मल वर्मा के हिंदी कहाणी संग्रह का राजस्थानी अनुवाद) 2002 साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित।
  • ग-गीत (मोहन आलोक के राजस्थानी कविता संग्रह का हिंदी अनुवाद) 2004 साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित।
  • सबद नाद (भारतीय भाषावां री कवितावां) 2012 बोधि प्रकाशन, जयपुर
  • देवां री घाटी (भोलाभाई पटेल के गुजराती यात्रा-वृत का राजस्थानी अनुवाद) 2013 साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित।

संपादन

सम्मान और पुरस्कार

साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा "बाल साहित्य पुरस्कार" वर्ष 2014, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं सस्कृति अकादेमी, बीकानेर से भत्तमाल जोशी पुरस्कार और “बापजी चतुरसिंहजी अनुवाद पुरस्कार” से सम्मानित। नगर विकास निगम से सम्मानित एवं नगर न्यास द्वारा “पीथळ पुरस्कार” । माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर की राजस्थानी पाठ्यक्रम विषय-समिति के पूर्व-संयोजक, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं सस्कृति अकादेमी, बीकानेर की कार्यकारणी और सामान्य सभा के सदस्य। “कविता कोश” राजस्थानी विभाग के सहायक-संपादक।
ई-मेल : neerajdaiya@gmail.com
संपर्क : डॉ. नीरज दइया, सी-107, वल्लभ गार्डन, पवनपुरी, बीकानेर- 334003 (राजस्थान) 

 
Dr. Neeraj Daiya

Born in 1968


EDUCATION:
B.Sc. (Maths), M.A. (Hindi & Rajasthani), B.Ed., SLET, NET, B.J.M.C.- Gold Medalist, Ph.D.-Sense of Modernity in Fiction of Nirmal Verma
EDITOR OF:
Rajasthani Magazine- “NEGCHAR”, Rajasthani Bhasha, Sahitya Avam Sanskriti Academy’s Monthly magazine- “JAGATI-JOT” Editor (Sep’02 to Sep’03) ; Co-Editor of Rajasthani Poetry Book For Class XII.
“MOHAN ALOK RI KAHANIYA” (Collection- Neeraj Daiya)
Ocean of Poetry- “KAVITAKOSH”: Sub Editor- Rajasthani Section.
AUTHOR OF:
“Saakh”, “Desunto” (Rajasthani Poetry); “Bhor Su Athan Taain” (Short Stories); “Aalochana Rai Aangane” (Criticism)
Articles, Short Stories & Poems, Published in Several books, Magazines & Newspapers of repute. Few Poems Translated in Malyalam, Gujarati, Panjabi, Marathi & Hindi.
Different writing were selected & Published in Teacher’s Day Publication from Dept. of Education, Govt. of Rajasthan
TRANSLATIONS OF:
“Kagad Ar Kainvas” (Poetry – AMARTA PRITAM); “Kagala Ar Kalo Pani” (Short Stories – NIRMAL VERMA ) Published by Sahitya Akademi, New Delhi in Rajasthani & “Ga-Geet” (Rajasthani Poetry- Mohan Alok) Published by Sahitya Akademi, New Delhi in Hindi.
Compiler Bibliographer, N.B.I.L. - Rajasthani Series-2, Rajasthani Section (1981-2000) Published by Sahitya Akademi, New Delhi.
Convener of Rajasthani Syllabus Committee in Board of Secondary Education Rajasthan, Ajmer & Member of Rajasthani Bhasha, Sahitya and Sanskriti Academy, Bikaner (Raj.) 2001-2003.
Recipient of “Bavji Chtursingh Translation Award” & “Bhattmal Joshi Award” From Rajasthani Bhasha, Sahitya and Sanskriti Academy, Bikaner (Raj.)
U.I.T. Award – “PITHAL PURUSHKAR” for Poetry.
Recognized as Promising Writer and Translator.
Actively associated with the movement for Recognition of Rajasthani language.
Several poems broadcasted & telecasted From AIR & DOORDHARSHAN respectively.

Address for Correspondence: 
E-mail : neerajdaiya@gmail.com

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डॉ. नीरज दइया की प्रकाशित पुस्तकें :

हिंदी में- कविता संग्रह : उचटी हुई नींद
व्यंग्य संग्रह : पंच काका के जेबी बच्चे, टांय-टांय फिस्स
आलोचना पुस्तकें : बुलाकी शर्मा के सृजन-सरोकार, मधु आचार्य ‘आशावादी’ के सृजन-सरोकार, कागद की कविताई
संपादित पुस्तकें : आधुनिक लघुकथाएं, राजस्थानी कहानी का वर्तमान, 101 राजस्थानी कहानियां, रेत में नहाया है मन (राजस्थानी के 51 कवियों की चयनित कविताओं का अनुवाद)
अनूदित पुस्तकें : मोहन आलोक का कविता संग्रह और मधु आचार्य ‘आशावादी’ का उपन्यास
शोध-ग्रंथ : निर्मल वर्मा के कथा साहित्य में आधुनिकता बोध
राजस्थानी में- कविता संग्रह : साख, देसूंटो, पाछो कुण आसी
आलोचना पुस्तकें : आलोचना रै आंगणै, बिना हासलपाई
लघुकथा संग्रह : भोर सूं आथण तांई
बालकथा संग्रह : जादू रो पेन
संपादित पुस्तकें : मंडाण (51 युवा कवियों की कविताएं), मोहन आलोक री कहाणियां, कन्हैयालाल भाटी री कहाणियां, देवकिशन राजपुरोहित री टाळवीं कहाणियां
अनूदित पुस्तकें : निर्मल वर्मा और ओम गोस्वामी के कहानी संग्रह ; भोलाभाई पटेल का यात्रा-वृतांत ; अमृता प्रीतम का कविता संग्रह ; नंदकिशोर आचार्य, सुधीर सक्सेना और संजीव कुमार की चयनित कविताओं का संचयन-अनुवाद और ‘सबद नाद’ (भारतीय भाषाओं की कविताओं का संग्रह)
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स्मृति में यह संचयन "नेगचार"

स्मृति में यह संचयन "नेगचार"
श्री सांवर दइया; 10 अक्टूबर,1948 - 30 जुलाई,1992

डॉ. नीरज दइया (1968)
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आंगळी-सीध

आलोचना रै आंगणै